फागी कस्बे के पार्श्वनाथ चैताल्य में विराजमान आचार्य प्रज्ञा सागर जी ने महाराज बढ़ा रहे हैं धर्म की भव्य प्रवाहना

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जीवन में ज्ञान ही वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है, बिना ज्ञान के धर्म का पालन नहीं किया जा सकता, न ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझा जा सकता है, ज्ञान ही वह मार्गदर्शक है जो हमें सही और गलत के बीच का भेद सिखाता है

आचार्य प्रज्ञासागर महाराज

फागी संवाददाता
20 जनवरी
फागी कस्बे के अग्रवाल सेवासदन में विराजमान आचार्य 108 श्री प्रज्ञासागर जी महाराज स संघ के पावन सानिध्य में आज पार्श्वनाथ चैताल्य में अभिषेक,शांतिधारा एवं अष्टद्रव्यों से पूजा अर्चना करने के बाद अग्रवाल समाज के अध्यक्ष महावीर झंडा, मंदिर समिति के मंत्री कमलेश चौधरी तथा विनोद जैन कलवाड़ा की अगुवाई में सकल जैन समाज के प्रबुद्व जनों ने आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज को मंगलमय प्रवचनों हेतु श्रीफल भेंट कर मंगलमय आशीर्वाद प्राप्त किया कार्यक्रम में साधु सेवा समिति के प्रदेश सचिव राजाबाबू गोधा ने शिरकत करते हुए बताया कि उक्त कार्यक्रम में मंगलाचरण के बाद आचार्य श्री ने खचाखच भरी धर्म सभा में अपनी मंगलमयी वाणी से श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए ज्ञान,त्याग और व्रती की महिमा बताते हुए कहा कि जीवन में ज्ञान ही वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है, बिना ज्ञान के धर्म का पालन नहीं किया जा सकता है, न हीं जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझा जा सकता है, ज्ञान ही वह मार्गदर्शक है जो हमें सही और गलत के बीच का भेद सिखाता है, इस संसार में धन की महिमा,पद की महिमा, जमीन जायदाद की महिमा, यह सब क्षण में नष्ट होने वाली है यदि एक बार समीचीन ज्ञान हो जाए तो कभी नष्ट होने वाला नहीं है। ज्ञान पाने के लिए हमें कहीं नहीं जाना पड़ता है, बल्कि निज आत्मा में ही इसका भंडार है, केवल इसके ऊपर विषय, कषायों का आवरण चढ़ा हुआ है, जिसे दूर करने की आवश्यकता है, आज हम प्रभु की आराधना भी करते हैं तो सांसारिक कामनाओं को लेकर करते हैं जबकि हमारी यह आराधना वीतरागी भावनाओं से होनी चाहिए,इसी कड़ी में आचार्य श्री ने बताया कि मनुष्य को साधु संतों के सत्संग में ज्ञान प्राप्त करना चाहिए,शास्त्रों का स्वाध्याय करना चाहिए, ग्रन्थों का पठन करना, ग्रन्थों को सुनना, आदि से ज्ञान की प्राप्ति होती है तथा ज्ञान के बिना कषाय को मंद नहीं किया जा सकता, उन्होंने सांप की तरह बीन बजाने का उदाहरण देते हुए बताया कि साधु संत अपनी शिक्षाओं से जीवन में आने वाली हर बाधा को नाग (विषैले विकारों) की तरह नियंत्रित करते हैं ,और ज्ञान की बीन के माध्यम से आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का कार्य करते हैं,आचार्य श्री आगे बताया कि साधु संत अपनी तपस्या और ज्ञान के द्वारा इस ऊर्जा को जागृत करने का मार्ग सांप की बीन की तरह (ज्ञान की बीन) बताते हैं, जिससे मोक्ष की प्राप्ति हो सके। जैसे बीन की धुन सांप को मंत्र मुक्त कर देती है वैसे ही साधु संतों का ज्ञान और सत्संग लोगों को मोह की नींद से जगा कर परमात्मा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है, कार्यक्रम में जिनेंद्र प्रभु का बार- बार अभिषेक करने के बारे आचार्य श्री ने कहा कि फागी कस्बे के जिन मंदिरों में अभिषेक का टाइम निश्चित नहीं है इसमें सुधार होना चाहिए, मेरा धर्मगुरु होने के नाते सुझाव है कि भगवान को अपने हिसाब से नहीं चलाना चाहिए, प्रातः जब मर्जी आए जब अभिषेक नहीं करना चाहिए, अभिषेक का सामूहिक रूप से एक ही समय होना चाहिए, बार-बार अभिषेक की क्रियाएं करने से पुण्य कम और पाप का बन्द ज्यादा बनता है,बार बार हर आगंतुक श्रद्धालुओं को भारी-भारी से श्रीजी के उपर बिना पूजा मंत्र जल का लोटा डालकर अभिषेक शांतिधारा दिखाने से विनय कम और अविनय ज्यादा होता है। अतः, इस विषय समाज को एक टाइम निश्चितकर चिंतन करना चाहिए।इसी प्रकार उन्होंने श्रावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग सब अच्छा धंधा करो लेकिन धंधा- अंधा नहीं होना चाहिए धंधे का भी निश्चित टाइम होना चाहिए इसमें आपको 10% दान के लिए निकलना चाहिए, धंधा ऐसा करो जिसमें हिंसा, पाप, कषाय नहीं हो, धर्म दूषित ना हो अहिंसा कलंकित न हो, गोधा ने बताया कि कार्यक्रम में ए.वी.एस फाऊंडेशन के राष्ट्रीय महामंत्री सुखानंद काला दुर्गापुरा की अगुवाई में रमेश चंद बाकलीवाल निमोडिया, गोपाल लाल सांघी जयपुर, ललित काला, अशोक काला चंदलाई वाले दुर्गापुरा जयपुर ने आचार्य श्री को जयपुर में मंगल प्रवेश हेतु सामूहिक रूप से श्री फल भेंट कर मंगलमय आशीर्वाद प्राप्त किया, इसी कड़ी में मंदिर समिति के कमलेश चौधरी एवं विनोद मोदी ने बताया कि शिखर चंद सुनील कुमार- सुनीता,अनिल -अंजु,नैतिक, मोनिल, अवनि,प्रतिष्ठा, मोदी परिवार के घर पर आज आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज की निर्विघ्न आहार चर्या सम्पन्न हुई, कार्यक्रम में आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज स संघ ने आज कस्बे के सभी सातों जिनालयों में जिनेन्द्र भगवान के दर्शन कर धर्म की प्रवाहना बढ़ाते हुए प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि सभी जिनालयों में अभिषेक की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाना चाहिए तथा युवाओं को अभिषेक हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि धर्म की प्रवाहना ज्यादा बढ़ सके। उक्त कार्यक्रम में समाज के मोहनलाल झंडा, रामस्वरूप जैन मंडावरा , कैलाश कलवाड़ा, रामस्वरूप मोदी,कैलाश पंसारी, फागी पंचायत समिति के पूर्व प्रधान सुकुमार झंडा, अग्रवाल समाज के अध्यक्ष महावीर झंडा, केलास कासलीवाल, पंडित संतोष बजाज, पंडित कैलाश कडीला, सत्येंद्र झंडा, ओमप्रकाश डेठानी, सोभागमल सिंघल, महावीर मोदी, महेंद्र बावड़ी,
सुरेंद्र बावड़ी, सुरेंद्र चौधरी, सुरेंद्र पंसारी,पवन कागला,त्रिलोक जैन पीपलू,विनोद कलवाडा, मोहनलाल कलवाड़ा, अशोक नला,अशोक मोदी,अशोक गिंदोडी,पारस मोदी,, एडवोकेट विकास नला, विरेन्द्र नला,विनोद मोेदी, मनीष गोधा, कमलेश मंडावरा, दिनेश चोधरी,अमन नला,निखिल लावा,जीतू मोदी , पदम बजाज, गणेश कठमाना,कमलेश चौधरी, कमलेश मंडावरा तथा राजाबाबू सहित सभी श्रावक,श्राविकाएं मोजूद थे। कार्यक्रम बाद आचार्य श्री ने सभी ‌श्रृदालुओं को मंगलमय आशीर्वाद प्रदान किया।

राजाबाबू गोधा जैन महासभा मिडिया प्रवक्ता राजस्थान

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