नैनवा जिला बूंदी 17 जनवरी शनिवार 2026 अग्रवाल दिगंबर जैन बड़े मंदिर में प्रातःकाल भगवा‌न का अभिषेक शांति धारा पूजन के साथ 1008 आदिनाथ भगवान का विधि विधान पूर्वक गणिनी आर्यिका सत्यमती माताजी हैम श्री माताजी के परम सानिध्य में अनेकों भक्तों ने निर्वाण लड्डू चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया भक्तामर स्तोत्र का विधान संपन्न हुआ अग्रवाल दिगंबर जैन बड़े मंदिर में प्रातः 8:00 बजे गुरु माता के परम श सानिध्य में भक्तामर स्तोत्र का विधान हुआ जिसमें अनेक को परिवार के जोड़ों ने भाग लिया जिसमें 48 श्रीफल चढ़ाकर विधान अपार धर्म प्रभावना के साथ संपन्न हुआ गणिनी आर्यिका सत्यमती माता ने बताया यह विधान बहुत ही फल और पुण्य को देने वाला विधान है इसके प्रत्येक काव्या में अनंता नंत फल मिलता है इससे करने से घर में परिवार में सदैव शांति प्राप्त होती है मंगल ही मंगल होता है अनहोनी घटना का विधान के प्रभाव से अवरोध घटना नहीं होती व्यापार में समृद्धि प्राप्त होती है परिवार एकता बनी रहती है घर में मतभेद नहीं होते परिवार एक सूत्र में बंधा रहना ही विधान का मुख्य लक्षण है अनेक फलों को देने वाला विधान माता ने पहला विधान बताया दिगंबर जैन समाज के प्रवक्ता महावीर सरावगी ने बतलाया दोनों गुरु माता के आशीष से विधान अपार धर्म प्रभावना से संपन्न हुआ हैम श्री माता ने अपने मुखारविंद से प्रत्यक्ष श्लोक का अनुवाद कर विधि विधान पूर्वक 48 श्रीफल चढ़कर विधान को संपन्न कराया अनेको भक्तों परिवारों ने विधान में बैठकर पुण्य प्राप्त किया आयोजक दिगंबर जैन 20 पंत समाज द्वारा महावीर कुमार सरावगी दिगंबर जैन समाज प्रवक्ता

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नैनवा जिला बूंदी 17 जनवरी शनिवार 2026 अग्रवाल दिगंबर जैन बड़े मंदिर में प्रातःकाल भगवा‌न का पंचामृतअभिषेक शांति धारा पूजन के साथ 1008 आदिनाथ भगवान का विधि विधान पूर्वक गणिनी आर्यिका सत्यमती माताजी हैम श्री माताजी के परम सानिध्य में अनेकों भक्तों ने निर्वाण लड्डू चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया
भक्तामर स्तोत्र का विधान संपन्न हुआ
अग्रवाल दिगंबर जैन बड़े मंदिर में प्रातः 8:00 बजे गुरु माता के परम श सानिध्य में भक्तामर स्तोत्र का विधान हुआ जिसमें अनेक को परिवार के जोड़ों ने भाग लिया जिसमें 48 श्रीफल चढ़ाकर विधान अपार धर्म प्रभावना के साथ संपन्न हुआ
गणिनी आर्यिका सत्यमती माता ने बताया यह विधान बहुत ही फल और पुण्य को देने वाला विधान है इसके प्रत्येक काव्या में अनंता नंत फल मिलता है इससे करने से घर में परिवार में सदैव शांति प्राप्त होती है मंगल ही मंगल होता है अनहोनी घटना का विधान के प्रभाव से अवरोध घटना नहीं होती व्यापार में समृद्धि प्राप्त होती है परिवार एकता बनी रहती है घर में मतभेद नहीं होते परिवार एक सूत्र में बंधा रहना ही विधान का मुख्य लक्षण है अनेक फलों को देने वाला विधान माता ने पहला विधान बताया
दिगंबर जैन समाज के प्रवक्ता महावीर सरावगी ने बतलाया
दोनों गुरु माता के आशीष से विधान अपार धर्म प्रभावना से संपन्न हुआ
हैम श्री माता ने अपने मुखारविंद से प्रत्यक्ष श्लोक का अनुवाद कर विधि विधान पूर्वक 48 श्रीफल चढ़कर विधान को संपन्न कराया
अनेको भक्तों परिवारों ने विधान में बैठकर पुण्य प्राप्त किया
आयोजक दिगंबर जैन 20 पंत समाज द्वारा
महावीर कुमार सरावगी
दिगंबर जैन समाज प्रवक्ता

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