Unit of Shri Bharatvarshiya Digamber Jain Mahasabha
अपने बच्चों को मुनिराज नहीं बना सको तो मुनि भक्त जरूर बनाना दिगंबर संत...
ग्राम कुंडाली मध्य प्रदेश
19 जनवरी सोमवार 2026 को
नगर में मुनि संघ का प्रवेश दिगंबर जैन समाज ने गाजे-बाजे जयकारों के साथ जैन मंदिर में...
आत्ममूल्यांकन रिश्ते का केंद्र हैं,तुम बदल गए हो पहले ऐसे नहीं थे – श्रीमती...
आत्मसम्मान हमें अपनी सीमाएं बनाने और दूसरों को अपनी भावनाओं का सम्मान करने के लिए प्रेरित करता है। मनुष्य का जीवन रिश्तों के ताने-बाने...
31 दिसम्बर को होता है देवो द्वारा अभिषेक बहती है जलधारा
31 दिसम्बर को होता है देवो द्वारा अभिषेक बहती है जलधारा श्रद्धालुगण का उमड़ता है सैलाब मनोहारी चाँदखेड़ी बाबा के दर्शन से मिलती है...
जयपुर/कोडरमा- भगवान महावीर के बाद जैन धर्म के सबसे बड़े तपस्वी व्रत सिंह निष्क्रिय...
जयपुर/कोडरमा- भगवान महावीर के बाद जैन धर्म के सबसे बड़े तपस्वी व्रत सिंह निष्क्रिय व्रत धारी के अन्तर्गत 557 दिन की लगातार मौन साधना...
प्रत्येक आत्मा में भगवान है परंतु मनुष्य आत्मा का ध्यान नहीं करता – आर्यिका...
नैनवा जिला बूंदी 18 जनवरी रविवार 2026
अग्रवाल दिगंबर जैन बड़े मंदिर में प्रातः 9:00 बजे आर्यिका सत्य मति माताजी ने धर्म सभा को संबोधित...
गिरारगिरी में मुनि श्री अभयसागर जी व मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ससंघ का...
सिद्धचक्र महामंडल विधान में उमड़ा आस्था का सैलाब,
दिल्ली के जादूगर राजकुमार के जादुई करतबों ने बाँधा समां
ललितपुर। श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी...
ऐतिहासिक शोभा यात्रा में 1251 महिलाएं मंगल कलश मंगल लेकर शोभायमान हो रही थी...
अन्तर्मनाआचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज का जयपुर महानगर में ऐतिहासिक मंगल प्रवेश ,
जीवन में जो समता को धारण करते हैं वही संत व...
जीवन में जितने विश्वास के साथ साधु की सेवा की जाती है उतना ही...
(भव्य श्रीराम कथा का तृतीय दिवस)
कोटा (राजस्थान) विशिष्ट राम कथाकार अनुष्ठान विशेषज्ञ परम पूज्य ध्यान दिवाकर मुनि प्रवर 108 श्री जय कीर्ति जी गुरुराज...
मंत्रों की साधना के लिए तन मन और शरीर की शुद्धि आवश्यक – मुनिश्री...
मुरैना (मनोज जैन नायक) सभी धर्मों में मंत्रों के जप को प्राथमिकता दी गई है । अध्यात्म में मंत्रों का विशेष महत्व बताया गया...
आत्मा में लीनता, निज में निज की लीनता ही ब्रह्मचर्य है।
आत्म ब्रह्म में लीनता ही सर्वश्रेष्ठ है। आत्मान्वेषण, सुदद्धात्म ,शुद्धात्म-लीनता ही उत्कृष्ट ब्रह्मचर्य धर्म है।
शीलव्रत, ब्रह्मचर्य सर्व प्रधान अंक के समान है, और अन्य...




















