तुम्हारा सबसे बड़ा शत्रु कर्म है जो किसी को माफ नहीं करता

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तुम्हारा सबसे बड़ा शत्रु कर्म है जो किसी को माफ नहीं करता
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
तुम्हारी जिंदगी में तुम्हारा सबसे बड़ा बेरी यदि कोई है तो वह कर्म है। सुख
दुख सब कर्म के अधीन है। कर्म के कारण ही तुम्हारी इच्छाओं की पूर्ति नहीं हो पा रही है क्योंकि कर्म किसी को माफ नहीं करता सजा अवश्य देता है।
यह उद्गार शुक्रवार को तीर्थंकर सम उपकारी महाश्रमण मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने दलाल बाग स्थित देशना मंडप में धर्म सभा में व्यक्त किये ‌।
मुनि श्री ने कहा कि आज जो भी गरीब है वह पूर्व जन्म में करोड़पति होकर भी दान धर्म, एवं पुण्य पारमार्थिक कार्यों से दूर रहे होंगे उसी का परिणाम है कि इस जन्म में वह गरीब हैं और अतीत में किए गए दुष्कर्म व अत्याचार आदि के कारण कर्मों की सजा भुगत रहे हैं। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि धर्म सभा में महाश्रमण ने यह भी कहा
हे श्रावक! तुम वर्ष में एक बार देश में कहीं भी साधुओं के दर्शन करने एवं उनका बिहार कराने जाया करो और अपनी शक्ति अनुसार उनके साथ चला करो ,। धर्म सभा में समाज श्रेष्ठी आनंद नवीन गोधा आलोक आकाश कोल डा जैनेन्द्र जैन राहुल सेठी अरविंद अखिलेश सोधीया निलेश जैन । अक्षयकासलीवाल एवं सपना गोधा, मुक्ता जैन सोनाली बागढीया आदि समाज जन उपस्थित थे।

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