अखिल भारतीय जैन ज्योतिषाचार्य परिषद (पंजी.) का नवम दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 24/25 अगस्त 2026 को
तीन-तीन जैनाचार्यो का पावन सानिध्य एवं जैन तीर्थो के दर्शन का सौभाग्य
जैन आगम की अनुपम कृति जैन ज्योतिष को विश्व पटेल पर अंकित करने के लिए संकल्पित अखिल भारतीय जैन ज्योतिषाचार्य परिषद (पंजी.) का नवम दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन इस बार 24 /25 अगस्त को होने जा रहा है राष्ट्रीय अधिवेशन में तीन-तीन जैन आचार्यो का पावन सानिध्य प्राप्त होगा।
अखिल भारतीय जैन ज्योतिष आचार्य परिषद पंजी का नवम राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ
ऋषभ विहार दिल्ली में विराजित परम पूज्य पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में 24 अगस्त को प्रातः 8:00 बजे से होगा।
तदुपरांत सभी सदस्य धारूहेड़ा के लिए प्रस्थान करेंगे। 24 अगस्त को ही दोपहर 3:00 बजे से सर्वोदय तीर्थ धारूहेड़ा में विराजित परम पूज्य आचार्य समाधि सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में मनाया जाएगा।
शाम को परिषद के सभी पदाधिकारी देहरा तिजारा जी के लिए प्रस्थान करेंगे। तथा तिजारा जी में संध्याकालीन आरती का सौभाग्य प्राप्त करेंगे।
25 अगस्त को प्रातः 8:00 बजे से श्री तिजारा जी में विराजित परम पूज्य आचार्य विमर्श सागर जी महाराज
के पावन सानिध्य मे राष्ट्रीय अधिवेशन मनाया जाएगा।
वापसी में आचार्य श्री 108 बाहुबली सागर जी महाराज की प्रेरणा से निर्मित प्रसिद्ध सिद्धांत क्षेत्र शिकोहपुर के दर्शनों का लाभ भी सभी सदस्यों को प्राप्त होगा।
अखिल भारतीय जैन ज्योतिष आचार्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि जैन गुरुजी दिल्ली ने जानकारी देते हुए बताया परिषद के द्वारा भारत की सीमा से बाहर अभी तक नेपाल,दुबई,अबू धाबी, बैंकॉक थाईलैंड आदि में जैन ज्योतिष का प्रचार प्रसार किया है।
भविष्य में सिंगापुर, फ्रांस, मलेशिया, जापान, आदि में भी जैन ज्योतिष का प्रचार प्रचार हो उस पर चर्चा की जाएगी तथा पूज्य श्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया जाएगा।
परिषद के द्वारा आयोजक सभी समाजों को प्रशस्ति पत्र भेंट किया जाएगा।
अधिवेशन में राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, आदि राज्यों से जैन ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विद शामिल होंगे।












