शिक्षण शिविर में हो रहा है बच्चों में नवीन संस्कारों का बीजारोपण
14 को नवग्रह विधान, परीक्षा एवं 15 को शिविर समापन, पुरस्कार वितरण
मुरैना (मनोज जैन नायक) नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर एवं अम्बाह रोड पर स्थित श्री महावीर दिगम्बर जैन नसियाजी मंदिर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर के तत्वावधान में ग्रीष्मकालीन श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिवरों के दौरान आज पांचवें दिन साधर्मी बंधुओं, माता बहनों युवाओं एवं बच्चों को धार्मिक शिक्षण दिया गया । दोनों जिनालयों में एक साथ शिविरों का आयोजन चल रहा है । 08 जून को शिविरों का शुभारंभ हुआ था, 14 जून को सभी शिविरार्थियों की लिखित परीक्षा होगी और 15 जून को शिविर समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार वितरित किए जायेगें ।
सात दिवसीय शिक्षण शिवरों में प्रतिदिन प्रातः एवं शाम को अलग अलग विषयों की कक्षाएं लगती हैं, जिसमें सांगानेर जयपुर से आये प्रशिक्षित विद्वानों द्वारा अध्ययन कराया जाता है । रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान मंच पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भक्तिमय भजनों, नृत्यों, चित्रकारी, एक मिनट, हाउजी सहित अनेकों आयोजन होते हैं। सभी बच्चों को उनके प्रदर्शन के अनुसार बहुमान किया जाता है ।
श्री नवग्रह शांति विधान 14 जून को होगा
नगर के अम्बाह रोड फाटक बाहर स्थित श्री महावीर दिगम्बर जैन नसियाजी जिनालय में अधिमास की पावन वेला में ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी रविवार 14 जून को प्रातः 06.30 बजे से श्री नवग्रह शांति विधान का आयोजन होगा ।
उक्त विधान के कर्ताधर्ता राजकुमार जैन कुथियाना ने बताया कि उक्त विधान में सैकड़ों की संख्या में साधर्मी बंधु, माता बहिन युवा सहभागिता प्रदान करेंगे । विधान की सभी धार्मिक क्रियाएं जैन विद्वत महेंद्रकुमार शास्त्री सिहोनिया वाले सम्पन्न कराएगें । संगीत स्वर लहरी के रूप में सौरभ जैन एंड पार्टी मुरैना सभी को भक्तिमय भजनों से मंत्रमुग्ध करेगी ।
14 जून को होगी शिवरार्थियों की लिखित परीक्षा
शिविर समापन से पूर्व रविवार 14 जून को प्रातः 08 बजे से सभी शिवरार्थियों की लिखित परीक्षा होगी। शिविरों के समापन की वेला में सोमवार 15 जून को प्रातः प्रत्येक कक्षा में पृथक पृथक प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह वितरित किए जायेंगे । संस्था द्वारा उत्कृष्ट सभी शिविरार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी दिए जायेगें । समारोह के समापन पर उपस्थित सभी शिवरार्थियों के वात्सल्य भोज की व्यवस्था रखी गई है।
मुरैना में वह रही है धर्मरूपी ज्ञान की गंगा
धर्म नगरी मुरैना में इन दिनों जैन समाज की भावी पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक और अनूठा प्रयास किया जा रहा है। श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर (जयपुर) के तत्वाधान में स्थानीय श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, मुरैना में ‘संस्कार शिक्षण शिविर’ का भव्य आयोजन चल रहा है। 8 जून से प्रारंभ हुआ यह शिविर आगामी 15 जून तक अनवरत चलेगा।
इन विशाल और भव्य प्रांतीय शिविर का संपूर्ण संचालन एवं कुशल मार्गदर्शन चंबल संभाग के क्षेत्रीय प्रभारी विद्वत् नवनीत जैन शास्त्री मुरैना, नसियाजी मंदिर के मुख्य संयोजक पदमचंद जैन चैटा, बड़ा मंदिर शिविर के मुख्य संयोजक सुरेश चन्द्र जैन (शिक्षक) एवं सह संयोजक अनिल जैन (गढ़ी वाले) इस पूरे भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए कढ़ी मेहनत कर रहे हैं।
देश के प्रतिष्ठित विद्वानों द्वारा ज्ञान की गंगा
शिविर को सुचारू और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए अलग-अलग आयु वर्ग के अनुसार कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें सांगानेर संस्थान और देश के प्रतिष्ठित विद्वान अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं । विद्वत अभिषेक जैन शास्त्री (व्याख्याता, सांगानेर संस्थान) शिविरार्थियों को ‘पूजन पद्धति’ और ‘जैन भूगोल’ का गहन अध्ययन करा रहे हैं।
गौरव जैन शास्त्री द्वारा ‘छहढाला’ जैसी महान कृति की विशेष कक्षाएं ली जा रही हैं।
विद्वत मनन जैन शास्त्री बच्चों को धार्मिक पाठ्यक्रम का ‘प्रथम भाग’ पढ़ा रहे हैं। हिमांशु जैन शास्त्री नवोदित बच्चों को खेल-खेल में ‘द्वितीय भाग’ पढ़ाया जा रहा है।
















