शास्वत तीर्थ अयोध्या में चिंतन बैठक हुई सम्पन्न
भा. दि. जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी ने लिए कई निर्णय
125वें स्थापना वर्ष कार्यक्रम की रुपरेखा पर हुई चर्चा
(रत्नेश जैन रागी बकस्वाहा)
अयोध्या /- शास्वत तीर्थ अयोध्या में भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) जन्मभूमि दिगम्बर जैन मन्दिर ,बडी मूर्ति, रायगंज में भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी की राष्ट्रीय चिंतन बैठक परम पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के ससंघ सान्निध्य में आयोजित की गई, जिसमें कमेटी के 125वें स्थापना वर्ष (शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष) को प्रभावशाली प्रभावना पूर्वक मनाने पर विस्तृत मंथन हुआ। बैठक का शुभारम्भ तीर्थक्षेत्र कमेटी उत्तरांचल के मंत्री प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन द्वारा मंगलाचरण एवं दीप प्रज्ज्वलन कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन, महामंत्री संतोष पेंढ़ारी, कोषाध्यक्ष अशोक दोशी , मध्यांचल अध्यक्ष डी. के. जैन, मध्यांचल कार्यकारी अध्यक्ष व बुन्देलखण्ड प्रभारी सन्तोष कुमार जैन घड़ी , डा अनुपम जैन एवं देश के विभिन्न अंचल से पधारे अध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल के प्रचार प्रमुख/प्रवक्ता राजेश जैन रागी बकस्वाहा ने विज्ञप्ति में बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन ने 125 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ” शतकोत्तर रजत स्थापना महोत्सव ” (22 अक्टूबर 2026 से 22 अक्टूबर 2027) को विश्व स्तर पर भव्यता पूर्वक मनाने हेतु कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन की योजनाओं की रुपरेखा से अवगत कराया। वहीं शतकोत्तर रजत स्थापना महोत्सव समिति के चेयरमेन जवाहरलाल जैन एवं मथुरा महोत्सव के चेयरमेन श्री प्रदीप जैन पीएनसी ने कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए कई सुझाव दिए एवं समायोजन की पूरी संरचना प्रस्तुत की।
तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री संतोष पेंढारी तथा राष्ट्रीय मंत्री हसमुख गांधी ने प्रांतीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रमों के समन्वय की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। मध्यप्रदेश अंचल के अध्यक्ष डी.के. जैन ने अपने विचार रखते हुए प्रदेश स्तर पर कार्यक्रमों के आयोजन की रणनीति साझा की। बैठक के दौरान डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने “ तीर्थ चक्रवर्ती ” योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये राशि निर्धारित की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को तीर्थक्षेत्र कमेटी से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने इस महोत्सव की सफलता के लिए मंगल आशीर्वाद देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक समिति में अंतरंग परिषद, बाह्य परिषद एवं सामाजिक परिषद का गठन होना चाहिए, जिससे समाज और तीर्थों के विकास को गति मिल सके। माताजी ने कहा कि यह महोत्सव प्रभावशाली कार्यक्रम होना चाहिए, जिससे तीर्थों के प्रति लोगों की सम्बध्दता बढ़े और जन जन को जोड़ा जा सके एवं तीर्थों की सशक्त भूमिका बताई जा सके। उन्होंने प्राचीन तीर्थों के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष जोर दिया।
शास्वत श्री अयोध्या जैन तीर्थ क्षेत्र के पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी ने कहा कि 125वें स्थापना वर्ष का आयोजन ऐसा होना चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्घाटन 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मथुरा चौरासी में किया जाएगा, जिसके बाद पूरे देश में विभिन्न आयोजन होंगे।
कमेटी के राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं अंचल अध्यक्षों व देश भर से पधारे महानुभावों की उपस्थिति में मथुरा से महोत्सव के शुभारंभ की योजना को अंतिम रूप दिया गया। इस बैठक में मुख्य रुप से मथुरा में भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारी। ‘ तीर्थ-चक्रवर्ती ‘ योजना के माध्यम से तीर्थ सुरक्षा का संकल्प। महिला एवं युवा शक्ति को जोड़ने का महाअभियान , कानूनी मुकदमों और तीर्थ संरक्षण पर विस्तृत चर्चा कर निर्णय लिए गए।















