शांति वीर धर्म स्थल पर संस्कृति माता ने दिया धर्म और ज्ञान का उपदेश
नैनवा जिला बूंदी 10 सितंबर 2026 गुरुवार को
गुरु माता ने बताया यह जीवन तो खा लिया जाता है ना खा लिया जाता है यह केवल एक करने की बात है
जब भी मनुष्य पर्याय में मनुष्य का जन्म होता है बहुत शुभ कर्म से होता है वह खाली हाथ नहीं आता अपने हाथों में पुण्य परिवार पुण्य धर्म जैन परिवार लेकर ही आता है
जब भी जीव इस संसार से जाता है तो अपने साथ अपनी पहचान धर्म के संस्कार अपने किए गए उपकार कहीं चीज अपने साथ में लेकर जाता है जी जाने के बाद में उसकी लोग प्रशंसा करते हैं
आज के मनुष्य के मन में अहंकार की बु इतनी बाहर निकलना नहीं चाहती
संसार के प्राणी को धर्म का ज्ञान प्राप्त करने के लिए अहंकार को छोड़ने होगा वरना जो रावण की दशा हुई है वही मनुष्य की दशा होगी रावण को अहंकार के कारण ही दशहरा पर जलाया जाता है
ऐसा गुरु माता ने बताया
महावीर कुमार सरावगी जैनगजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान














