पैसा सिर्फ बोलता नहीं बल्कि अच्छे अच्छों की..बोलती भी बन्द कर देता है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

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पैसा सिर्फ बोलता नहीं बल्कि अच्छे अच्छों की..बोलती भी बन्द कर देता है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
औरंगाबाद/ नरेंद्र पियुष जैन पुष्पगिरी गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागरजी महाराज के सानिध्य में अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ससंघ पुष्पगिरी में वर्षायोग हेतु विराजमान हैं उनके सानिध्य में वहां विभिन्न धार्मिक कार्योंकम संपन्न हो रहें हैं उसी श्रुंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने अपने ओजस्वी वाणी में प्रवचन देते हुए कहा कि आज के संसार में तीन समस्याएँ हैं-?
पहली  – पैसा होना या ना होना।
दूसरी – पुरूष के जीवन में स्त्री का होना या ना होना।
तीसरी  – स्त्री के जीवन में पुरूष का होना या ना होना।शेष जीवन की समस्याऐं इन्हीं तीनों का विस्तार है।
पैसा जीवन की समस्या भी बन सकता है और समाधान भी। दूसरी और तीसरी समस्या में सारा खेल स्त्री और पुरूष का है।  स्त्री पुरुष दोनों एक दूसरे के बिना आधे अधूरे हैं । स्त्री के सम्पूर्ण जीवन की सारी खुशी एक पुरूष पर आधारित है, बशर्त है स्त्री-पुरुष दोनों के विचार और मन मिलते हों, अन्यथः जो पुरूष 33 करोड़ देवी देवताओं को खुश कर देता हो, वह पुरूष अपनी पत्नी को कभी खुश नहीं कर पाता।
किसी ने प्रश्न पूछा  – हे गुरूदेव, घड़ी और बीवी में क्या अन्तर है-?  हमने सहज भाव से कहा  कि – घड़ी बिगड़ जाये तो बन्द हो जाती है, और बीवी बिगड जाये तो चालू हो जाती है। पत्नी से परेशान एक पति – रेल्वे स्टेशन गया, ट्रेन पर चढ़ने लगा, तभी अचानक एक आवाज आई – यह ट्रेन पटरी से उतर जायेगी। वह पति एयरपोर्ट गया, प्लेन में चढ़ने लगा फिर आवाज आई – यह प्लेन भी क्रेश हो जायेगा। वह पति बस स्टैंड गया, बस पर चढ़ने लगा फिर आवाज आई – यह बस भी पलट जायेगी।  उस व्यक्ति ने पूछा आप कौन हैं-?  आवाज आई –  मैं भगवान हूं । वह व्यक्ति बोला – प्रभु जब मैं घोड़ी पर चढ़ रहा था तब क्या आपका गला बैठ गया था-? बाबू – समय पर ही सीख मिलती है, बिना समय के तो भीख भी नहीं मिलती…!!! ऐसी जानकारी प्रचार प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद ने दी है

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