परिग्रह बढ़ाने वाला धन पाप धर्म कार्य में लगाया गया धन पुण्य का साधन है /प्रवचन केसरी विश्रांत सागर महाराज

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परिग्रह बढ़ाने वाला धन पाप धर्म कार्य में लगाया गया धन पुण्य का साधन है
/प्रवचन केसरी विश्रांत सागर महाराज/

सिरसागंज फिरोजाबाद
11 जून गुरुवार 2026
दिगंबर जैन मंदिर में

दिगंबर जैन संत विश्रांत सागर महाराज ने अपर धर्म सभा को संबोधित करते हुए बताया
जो धन परिग्रह मोह बढ़ाता है वह पाप का कारण है
जो धन धर्म कार्य जिनालय में लगाया जाता है वह धर्म का कारण है
संत ने बताया कि प्रतिदिन भगवान की भक्ति करना चाहिए जिससे धन रूप प्राप्त होता है धर्म के कारण ही रोग शोक नाना प्रकार की बीमारियां सदैव उसे भक्त से दूर रहती है
बुरा समय आने पर भी अच्छा उसे लगने लगता है
परम पूज्य प्रवचन केसरी मुनि श्री 108 विश्रांत सागर महाराज जी ने अपने मंगल प्रवचनो में कहा है कि रागी को कोई घर से निकल नहीं सकता ,और वैरागी को कोई घर में रोक नहीं सकता इसलिए जिनका पुण्य कर्म का उदय होता है वही घर से निकल सकता है, वहीं संयम ग्रहण कर सकता है, यदि आप संयम ग्रहण नहीं कर सकते हो तो जिन्होंने संयम ग्रहण किया है उनका सम्मान जरूर कीजिए, परम पूज्य मुनि श्री विश्रांत सागर जी महाराज ससंघ सिरसागंज नगर में विराजमान हैं आज जसवंतनगर के श्रद्धालुओं ने जसवंत नगर में चातुमार्स हेतु श्री फल भेंट किये परम पूज्य मुनि श्री ससंघ का मंगल विहार संभावित 13 जून को दोपहर लगभग 4:00 बजे सिरसागंज से अराव की ओर होगा,
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान

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