णमोकार महामंत्र से बड़ा कोई मंत्र नहीं है इसको श्रद्धापूर्वक जपने से संसार के भक्तों के सभी कार्य पूर्ण हो जाते हैं
आर्यिका संस्कृति श्री माताजी
नैनवा जिला बूंदी गुरुवार 13 अगस्त 2026
शांति वीर धर्म स्थल पर चातुर्मास के दौरान आर्यिका संस्कृति श्री माता ने धर्म सभा को बताया
अनादि काल से जीव का जन्म व मरण हो रहा है प्रत्येक जीव स्वतंत्र हैं
माता ने बताया पेड़ वृक्षों तनो एवं पत्तियां सभी में जीव होता है
प्रत्येक जीव में आत्मा होना बताया मनुष्य के हर अंग में आत्मा है बीमार होने पर उसे सुई लगाने पर पूरे शरीर में दर्द हो जाता है लकवा वाले व्यक्ति को सुई लगाने पर भी उसे हिस्से में दर्द नहीं होता जो लकवा से सतिग्रस्त हुआ है यह पीछे
णमोकार महामंत्र पर गुरु माता ने बताया
णमोकार मंत्र से बड़ा कोई विश्व में मंत्र नहीं है इस मंत्र के श्रद्धापूर्वक जपने से संसारी सारी बाधाये दूर होती है परिवार में सदैव मंगल ही मंगल होना बताया
अंजन चोर का उदाहरण देते हुए माता ने बताया की चोरी करने में प्रसिद्ध अंजन चोर हुआ था भगवान का छत्र चुरा कर ले गया चोर की आंखों में सिद्धि द्वारा अंजन लगा हुआ था इसलिए वह दिखाई नहीं देता था छत्र पर अंजन नहीं था जब उसे संतो द्वारा चोरी का उपदेश दिया तो अंजन चोर ने उसे धर्म उपदेश से प्रभावित होकर मुनि दीक्षा लेकर अपनी आत्मा का कल्याण कर लिया
राजा श्रेणिक ने भगवान महावीर से शमोशरण में 6000 प्रश्न पूछे थे भगवान महावीर ने बताया की पापी से घृणा नहीं पाप से घृणा करो
मनुष्य के भाव कभी भी खराब हो सकते हैं उन्हें धर्म के ज्ञान के द्वारा सुधारा जाता है
अपार समाज बंधुओ ने माता जी का धर्म उपदेश श्रवण कर जय जयकार किया
धर्म सभा से पूर्व मंगलाचरण की प्रस्तुति श्रीमती कोनिका जैन नासिरदा द्वारा
महावीर सरावगी प्रवक्ता ने बताया
भीलवाड़ा से आए मुनि भक्तों का समिति द्वारा तिलक माला पगड़ी बनाकर स्वागत सम्मान किया
महावीर कुमार सरावगी
दिगंबर जैन समाज प्रवक्तानैनवा
















