मुनिश्री विनम्रसागर ने सूक्ष्म कला का किया अवलोकन
सूक्ष्म कला में पारंगत नीरू छाबड़ा को दिया शुभाशीष
मुरैना/जयपुर (मनोज जैन नायक) सूक्ष्म लेखन कला में पारंगत श्रीमती नीरू छाबड़ा की अदभुद कलाकारी को देखकर मुनिश्री विनम्रसागर जी महाराज ने उन्हें धर्मवृद्धि का शुभाशीष प्रदान किया ।
मुनि श्री 108 विनम्र सागर महाराज का प्रातःकालीन वेला में “संतोष” विला में आगमन हुआ ।वरिष्ठ पत्रकार एवं चूलगिरी तीर्थ क्षेत्र के संरक्षक प्रवीण चंद्र छाबड़ा, प्रदीप, सारांश, अभिनव, दिव्यम छाबड़ा ने पूज्य मुनिश्री का पाद प्रक्षालन कर अगवानी करते हुए अपनी स्वरचित तीन पुस्तकें भेंट की l
इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने सूक्ष्म लेखन कला का अवलोकन किया । कलाकार नीरू छाबड़ा चावल पर कैसे लिखती हैं , पूज्य गुरुदेव ने देखा, साथ में उनकी बनाई कलाकृतियां भक्तामर स्तोत्र, अनेकता में एकता, मेरा भारत महान, गणेश जी के 108 नाम का अवलोकन किया l सारांश जैन (छाबड़ा )ने हस्त निर्मित कागज पर सूक्ष्म लेखन कृति “संपूर्ण गीता” दिखाई l पूज्य गुरुदेव ने पंजिका पुस्तिका में लिखा — “पुरुषार्थ और प्रभु कृपा का अद्भुत मेल देख रहा हूं, देख रहा हूं साधना कहां-कहां से क्या-क्या बोलती है , कितना अच्छा और पवित्र बोलती है । संवेदना के साथ , मोक्षगामी भव, गुरुदेव श्री का आशीर्वाद ”














