मुनिश्री मंगलानंद सागर महाराज का नवागढ़ में वर्षायोग हेतु भव्य मंगल प्रवेश
अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में की गई ऐतिहासिक अगवानी
मुरैना/नवागढ़ (मनोज जैन नायक) प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में भगवान श्री 1008 अरनाथ स्वामी के अतिशय संपन्न विश्व के एकमात्र दिव्य दरबार में परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री सरल सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य पूज्य मुनिश्री मंगलानंद सागर जी महाराज एवं मुनिश्री मंगल सागर जी महाराज का चातुर्मास हेतु अत्यंत भव्य एवं मंगलमय प्रवेश हुआ।
ऐतिहासिकभव्य स्वागत एवं अगवानी
पूज्य मुनि संघ के मंगल प्रवेश का आयोजन आदरणीय बाल ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य जय कुमार निशांत के निर्देशन, नवागढ़ कमेटी, श्री नवागढ़ गुरुकुलम ट्रस्ट के मंगल सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। उन्होंने पूज्य गुरुदेव की अगवानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उल्लास एवं भक्तिमय वातावरण
मंगल प्रवेश के अवसर पर समस्त ग्रामवासी, क्षेत्रवासी एवं श्रद्धालु जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे गांव में उत्सव जैसा वातावरण दिखाई दिया। प्रत्येक घर के द्वार पर सुंदर रंगोली सजाई गई तथा महिलाओं ने मंगल कलश लेकर पूज्य गुरुदेव का स्वागत किया। नवागढ़ गुरुकुलम् के बच्चों ने दिव्य घोष, मंगलगान एवं जयघोष के साथ पूज्य गुरुदेव का भव्य मंगल प्रवेश कराया, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय, भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
ढोल नगाड़ों से गूंजा अतिशय क्षेत्र नवागढ़
ढोल-नगाड़ों की गूंज, मंगल गीतों एवं श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा नवागढ़ गुंजायमान हो उठा। बुंदेलखंड की प्रसिद्ध सांस्कृतिक लोक विरासत जिसमें मोनिया पार्टी, दलदल घोड़ी, भजन मंडली, ढपला पार्टी, ढिमराया सारंगी पार्टी ने अपनी पारंपरिक लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति देकर इस मंगल अवसर को और भी भव्य, ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय बना दिया। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के इस अद्भुत संगम ने प्रत्येक श्रद्धालु के हृदय को भावविभोर कर दिया।
मुनिश्री के वचनामृत
वाचनामृत सभा के प्रारंभ में ब्रह्मचारी निशांत भैया जी ने सभी का आह्वान करते हुए अतिशय क्षेत्र की जानकारी दी।
गुरुदेव के मंगल उद्बोधन से पूर्व नवागढ़ गुरुकुलम् के बच्चों ने अत्यंत मधुर एवं भावपूर्ण मंगलाचरण प्रस्तुत किया, जिससे संपूर्ण सभा भक्तिरस से सराबोर हो उठी।
श्रद्धेय सुनील जी वेद ने पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में अपनी भावपूर्ण वाणी अंजलि समर्पित कर गुरुभक्ति एवं श्रद्धा के भाव व्यक्त किए।
🕉️ गुरुदेव द्वारा सुखद संदेश
अपने मंगल उद्बोधन में पूज्य मुनि श्री मंगलानंद सागर जी महाराज एवं मुनि श्री मंगल सागर जी महाराज ने कहा कि यदि हमें भगवान श्रीराम जैसा आदर्श जीवन जीना है, तो हमें श्रीराम के समान आदर्श कर्म भी करने होंगे। उन्होंने समाज को गुटखा, तंबाकू, शराब एवं अन्य सभी प्रकार के नशों से दूर रहने का संदेश दिया तथा मानव जीवन में मानवता, करुणा, सदाचार और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। गुरुदेव ने कहा कि सच्चा धर्म वही है जो व्यक्ति के जीवन में संस्कार, संयम और सेवा का भाव उत्पन्न करे।
🚩 दूर-दूर से उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
गुरुदेव के मंगल आगमन के अवसर पर आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। जिसमें सुधाकर पांडे थानाध्यक्ष सोजना, ग्राम प्रधान रामनारायण यादव, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष यादव, श्रेष्ठी निर्मल जी घुवारा, समस्त पदाधिकारी गण अतिशय क्षेत्र नवागढ़ समिति एवं नवागढ़ गुरुकुलम ट्रस्ट आदि सभी ने पूज्य गुरुदेव के दर्शन, वंदना एवं मंगल प्रवचन का लाभ प्राप्त किया तथा धर्ममय वातावरण में अपनी सहभागिता निभाई।
श्रीफल अर्पित कर किया चातुर्मास का भावपूर्ण निवेदन
मंगल प्रवेश के उपरांत समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों ने अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूज्य मुनि श्री मंगलानंद सागर जी महाराज एवं मुनि श्री मंगल सागर जी महाराज के श्रीचरणों में श्रीफल अर्पित कर विनम्र निवेदन किया कि “हे गुरुदेव! आपका यह पावन चातुर्मास प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में ही सम्पन्न हो तथा हम सभी को चार माह तक आपके सान्निध्य, आशीर्वाद एवं अमृतमय प्रवचनों का लाभ प्राप्त होता रहे।”
प्रत्येक रविवार होंगे विशेष प्रवचन
आदरणीय जय निशांत भैयाजी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक रविवार प्रातः 9:00 बजे एवं अपराह्न 3:00 बजे पूज्य गुरुदेव के मंगल प्रवचन एवं आशीर्वचन का लाभ सभी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि जो भी श्रद्धालु गुरुदेव के प्रवचनों को सुनकर उनके संदेश को अपने शब्दों में प्रस्तुत करेगा, उसे यथायोग्य पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इस अभिनव पहल का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार एवं सदाचार के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है।
संचालन
इस भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम का सफल, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय संचालन प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी के महामंत्री श्री वीरचंद्र जी द्वारा किया गया। उनके कुशल संचालन से पूरा कार्यक्रम अत्यंत अनुशासित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।















