हरियाणा राज्य की धर्मनगरी अंबाला मैं परम पूज्य आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य मुनि 108 श्री निश्चिंत सागरजी महाराज के पावन सानिध्य में चतुर्मास कलश स्थापना महोत्सव दिनांक 02/08/2026 को बड़ी श्रद्धा भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
समारोह में स्थानीय भक्तों के साथ साथ आसपास के शहरों के अलावा दूर दूर के कई शहरों से भक्तों को इस पावन चतुर्मास कलश स्थापना महोत्सव में सहभागिता दर्ज कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।
पालम बिहार गुरुग्राम से भी श्रद्धालुओं का एक समूह बस द्वारा गुरुवर के इस पावन महोत्सव में शामिल हुआ जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने गुरुवर से आशीर्वाद प्राप्त किया और अपने जीवन को धर्ममय बनाया ।
चतुर्मास कलश स्थापना समारोह में शामिल होने का सौभाग्य पालम बिहार स्थित श्री 1008 भगवान महावीर जिन मंदिर से संस्था के अध्यक्ष श्री राकेश कुमार जैन, उपाध्यक्ष श्री पंकज जैन, श्री कोषाध्यक्ष अशोक कुमार जैन , एवं उनके साथ अन्य सम्माननीय सदस्य श्री विमल कुमार जैन, श्री अशोक कुमार गंगवाल, श्री महावीरप्रसाद जैन, श्री विनोद कुमार जैन, श्री प्रकाश चंद जैन, श्री संजय सेठी, श्री राजेश कुमार जैन ,श्री अजित जैन, श्री आकाश जैन, श्री नीरज जैन, श्री कशिश जैन, श्री रचित जैन ,श्री सचिन जैन, श्री अनुज जैन, श्री प्रमोद जैन सहित उनके श्रद्धालु परिवारों को प्राप्त हुआ ।
अपने मंगल प्रवचनों में श्री 108 निश्चित सागर जी महाराज ने चातुर्मास स्थापना के महत्व को समझाया एवं धर्म संयम, तप, स्वाध्याय और आत्म कल्याण का संदेश देते हुए कहा की चातुर्मास आत्म शुद्धि ,आत्म चिंतन और आध्यात्मिक साधना का सर्वोत्तम अवसर है।
समारोह के समापन पर पालम विहार दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष श्री राकेश कुमार जैन ने कहा मुनिवर निश्चित सागर जी महाराज का सानिध्य हमारे पालम विहार समाज को बहुत ही अल्प अवधि का प्राप्त हुआ है और उस अल्प अवधि में मुनिवर ने समाज के युवा वर्ग को आपस में जोड़ने का बहुत ही महत्वपूर्ण प्रयास किया, इसी प्रभावना से उन्होंने अपने जीवन को धर्म मार्ग में आगे बढ़ाया है जिसका परिणाम यह है आज हम यहाँ पर इस चतुर्मास कलश स्थापना समारोह में एक पूरी बस लेकर आने में सफल हुए हैं ।
यह सब गुरुवर के आशीर्वाद के परिणाम है कि हम सभी लोग गुरुवर के चरणों में नमन करने के लिए एकत्रित हुए हैं ,और जो भी इस यात्रा में शामिल हुए हैं वो गुरुवर को अपना धर्मगुरु मानते हैं और उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहे हैं इससे उनके जीवन में सुख शांति एवं समृद्धि का संचार हो रहा हैI
मुनिवर के चरणों में त्रिबार नमोस्तु करते हुए अध्यक्ष श्री राकेश कुमार जैन ने अपनी वाणी को विराम दिया।












