कुल को कलंकित नहीं करना ही रक्षाबंधन पर्व का सबसे बड़ा उपहार बताया

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जैन गजट संवाददाता महावीर सरावगी द्वारा

5 सितंबर मंगलवार को चातुर्मास कर रहे बडागांव जिला टीकमगढ़ में प्रवचन केसरी विश्रांत सागर महाराज ने अपार जन समूह को संबोधित करते हुए बताया
रक्षाबंधन पर्व पर ही 700 मुनियों पर उपसर्ग आया था उसकी रक्षा के लिए यह पर्व मनाया जाता है भक्तों ने राखी पिछीका बांधकर मुनि का आशीष प्राप्त किया

मुनि बताया परिवार की बहनों से भाइयों ने रक्षाबंधन पर उपहार मांगा
आप हमारे परिवार को कभी भी कलंकित नंही करना जैन परिवार के लड़के से ही शादी करना जिससे माता-पिता एवं हमारा सिर समाज में निचा नहीं हो नहीं कलंक का धब्बा परिवार पर लगे
शादी होने के बाद पूरी राशियों का उपहार हम आपको बहुत ज्यादा देंगे जिन्हें आप जीवन भर अपने साथ रखोगी
मुनि के सोच जाने में भी युवाओं की भीड़
जैन मुनि के प्राप्त सोच में जाने पर
नगर के युवाओं की जय जयकारों के साथ अपार फिर देखी गई
यह जैन मुनि अपने उद्बोधन से अजेन लोगों को भी नगर में प्रभावित करते हैं साधुओ का चातुर्मास होने से शहर में एक नई हलचल धर्म की देखी गई

महावीर कुमार जैन सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान

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