जिला बूंदी शहरमें हुआ भव्य मंगल प्रवेश जैन मुनि योगसागर महाराज का
14 मई गुरुवार को दिगंबर जैन समाज ने की भव्य अगवानी कर जिनालय में प्रवेश कराया
सन्त शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के ज्येष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक मुनिश्री 108 योगसागर जी महाराज ससंघ का मंगल आगवन छोटी काशी बूंदी नगरी देवपुरा में हुआ प्रातःकाल अभिषेक-शांतिधारा के पश्चात आचार्य श्री की सामूहिक पूजन पुण्यांशी जैन बूंदी की स्वर लहरियों के माध्यम से की गई तत्पश्चात दीप्रज्वलन-शास्त्र भेंट कर मुनिश्री योगसागर जी एवं क्षुल्लक श्री संयम सागर जी महाराज की दिव्य देशना हम श्रावको को सुनने मिली।
जिला बूंदी के मुनि भक्त पुष्पांशी जैन ने जैन गजट को जानकारी देते हुए बतलाया
देवपुरा जैन मंदिर में सभी साधु संतों का आवागमन रहता है इसे विशेष धर्म प्रभावना बनी रहती है
अपार भक्तों ने धर्म सभा में प्रवचनों का लाभ लिया
मुनिश्री ने अपनी देशना में बताया कि मनुष्य लगातार धनार्जन में लगा हुआ जो नश्वर है और जो शास्वत सुख है उसे भुला बैठा है 1 मनुष्य पर्याय ही है जिसे प्राप्त करने के लिए देवता भी तरसते है और हम मनुष्य इसे यूं ही मोबाइल टीवी में गवा रहे हैं 4 संज्ञायो के बारे में मुनिश्री ने बताया और बताया कि पंचकल्याणक में सभी क्रियाएं सौधर्म इंद्र कर सकता है परंतु मुनि बनने के बाद आहार नही दे सकता क्योंकि वह संयम धारण नही कर सकता है इस प्रकार से मनुष्य पर्याय की महत्वता को मुनिश्री ने समझाया एवं नित्य अभिषेक के साथ पूजन करने के लिए प्रेरित किया।
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान












