जनकपुरी में श्रुत पंचमी पर षट्खंडाग़म ग्रंथ को पालकी में विराजित कर किया विधान

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जिनवाणी सजाओ में महिलायें भक्ति के साथ जिनवाणी को थाल पलासने में सिर पर रख कर लेकर आयी

पाठशाला के बालक बालिकाओं ने लगन के साथ विधान पर चढ़ाये अर्घ

फागी संवाददाता

जनकपुरी ज्योतिनगर जैन मन्दिर जयपुर में श्रुत पंचमी महोत्सव विशेष आयोजनों के साथ मनाया गया कार्यक्रम में पाठशाला के बालक नीरेक द्वारा प्रातः नित्य की शांतिधारा के बाद महिलायें जिनवाणियों को घरों से थाल पलासने में सजाकर सिर पर रख कर लायी तथा मूल वेदी की परिक्रमा करने के बाद नियत स्थान पर विराजित की कार्यक्रम में साज बाज के साथ पूर्णमति माताजी द्वारा रचित संगीतमय श्रुत स्कंध विधान पूजन विदुषी गरिमा , सेजल व दीपाली जैन द्वारा कराया गया ,इससे पूर्व सुभाष राजेश गर्ग ने पालकी में सजे ग्रंथ का अनावरण किया तथा धर्म चंद सोगानी ने मंगल कलश स्थापित किया साथ ही सौभाग्यवती महिलाओं ने चतुष्ण कोणों के कलश स्थापित किए ,प्रबंध समिति के अध्यक्ष पदम जैन बिलाला ने तीनो विदुषियों के साथ श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर का आभार व्यक्त किया। सुनील अलका सेठी ने तीनो विदुषियों का तिलक माला के साथ सम्मान किया विदुषियों ने श्रुत पंचमी का महत्व तथा जिनवाणी को सम्भाल कर रखने हेतु समझाया जिनवाणी माता की आरती के बाद ग्रंथों को पालकी में ही विराजमान कर यथा स्थान विराजित किया कार्यक्रम में प्रबंध समिति के अलावा पाठशाला संयोजको महिला मण्डल व युवा मंच के कार्यकर्ताओं का पूर्ण सहयोग रहा ।

राजाबाबु गोधा जैन गजट संवाददाता राजस्थान

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