कोलकाता: गंगासागर में भव्य चैत्यालय स्थापना एवं वेदी प्रतिष्ठा से पूर्व श्रद्धालुओं ने लिया आचार्य श्री वसुनंदी जी महामुनिराज का मंगल आशीर्वाद

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गंगासागर के पावन तट पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक ‘भव्य चैत्यालय स्थापना एवं वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव’ के शुभारंभ से पूर्व, आयोजन से जुड़े सभी प्रमुख पात्रों, पुण्यार्जकों और सकल जैन समाज के प्रतिनिधियों ने पूज्य आचार्य श्री १०८ वसुनंदी जी महामुनिराज के श्रीचरणों में उपस्थित होकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। यह पावन मिलन श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन उपवन मंदिर, बेलगछिया, कोलकाता में संपन्न हुआ।

आगामी १८ तारीख से गंगासागर में शुरू होने जा रहे इस धार्मिक अनुष्ठान की सफलता और निर्विघ्न संपन्नता के लिए आचार्य श्री ने सभी श्रद्धालुओं को अपने ओजस्वी आशीर्वचन और शुभाशीष प्रदान किए।

मुख्य आकर्षण एवं उपस्थित महानुभाव:

आशीर्वाद प्रदाता: परम पूज्य आचार्य श्री १०८ वसुनंदी जी महामुनिराज।

प्रमुख पात्र एवं पुण्यार्जक:
इस पावन अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य आलोक कुमार जी जैन बड़ा मलहरा एवं सौधर्म इन्द्र -अमित जी- विनीता जी सेठी,यज्ञनायक श्री कमल जी पाटनी, ध्वजारोहण करता नरेन्द्र- राजकुमारी पांड्या,वेदी प्रदानकर्ता श्री फूलचंद जी विनोद कुमार जी सेठी डीमापुर इनके अलावा श्रद्धेय श्री राजकुमार जी सेठी,श्रीमती ज्ञानादेवी जी सेठी,श्री विजय सरावगी,श्री विनीत जी पाटनी आसनसोल सहित समाज के अनेक गणमान्य पुण्यार्जक श्रद्धा भाव के साथ मुनिराज के सान्निध्य में उपस्थित रहे।

मंगल आशीर्वचन:
पूज्य मुनिराज श्री ने गंगासागर में होने वाले इस चैत्यालय स्थापना महोत्सव को जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण बताया। उन्होंने कहा कि तीर्थ क्षेत्रों और पवित्र स्थानों पर जिन मंदिर व चैत्यालय की स्थापना आत्मा के कल्याण और धर्म की प्रभावना का मार्ग प्रशस्त करती है। मुनिराज ने संपूर्ण महोत्सव के निर्विघ्न, सफल और मंगलमय संपादन हेतु अपनी मंगल आशीष प्रदान की।

गंगासागर में होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर संपूर्ण जैन समाज में अभूतपूर्व उत्साह और हर्ष का माहौल है। आयोजन समिति ने सभी धर्मानुरागियों से इस ऐतिहासिक वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में सम्मिलित होकर पुण्य अर्जन करने की अपील की है।

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