गांधी जयंती पर विशेष रचना कविता: अहिंसा की आंधी

0
14

गांधी जयंती पर विशेष रचना
कविता: अहिंसा की आंधी
—— अजीत कोठिया डडूका
महात्मा गांधी, अहिंसा की आंधी!
क्या बही होगी अंग्रेजों के उस दौर में!
स्वराज को पाने का नायब उपाय!
ऐसा सिर्फ गांधी ही सोच सकते थे!
जिन्होंने एक लाठी और लंगोटी के बल पर
हिंदुस्तान को आजाद कराया।
आज भी गांधी की अहिंसा,
है उतनी ही प्रासंगिक,
जितनी 40 के दशक में रही होगी!
आज तो विनाश की ओर अग्रसर विश्व को,
अहिंसा अस्त्र की ओर भी ज्यादा जरूरत है।
आजाओ बापू फिर से एक बार भारत भू पर,
सिखा जाओ अपनी गांधी गिरी!
पानी भरती है जिसके आगे कितनी भी बड़ी हो दादागिरी!
आइये अहिंसा को दिलसे अपनाये!
विश्व को विनाश से बचाए।
विश्व अहिंसा दिवस मनाना,
गांधीगिरी अपना सार्थक बनाए!!!
___अजीत कोठिया डडूका बांसवाड़ा राजस्थान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here