धन से अहंकार धर्म से संस्कार उत्पन्न होते हैं

0
21

धन से अहंकार धर्म से संस्कार उत्पन्न होते हैं
/दिगंबर संत प्रवचन केसरी विश्रांत सागर महाराज/
19 मई मंगलवार 2026
ग्राम इटावा उत्तर प्रदेश के दिगंबर जैन जिनालय में धर्म सभा को संबोधित करते हुए जैन संत प्रवचन केसरी विश्रांत सागर महाराज ने बताया
मनुष्य के पास अधिक धन होना ही अहंकार का कारण बनता है धन के कारण व संस्कार भूल कर अहंकार की भाषा बोलने लगता है यह एक धन का प्रभाव मुनि ने बताया
संत ने यह भी बताया धन तो वैभव को बढ़ाता है संस्कारों को नहीं
जो मनुष्य धर्म से जुड़ा हुआ है वहां धन तो स्वयं चलकर आता है धर्म की दासी लक्ष्मी है संस्कार निवास करते हैं संस्कारों की पूजा होती है अहंकार के कभी पूजा नहीं होती अहंकार हमेशा पीछे रहता है
आज का मनुष्य धन होने पर भी बहुत ज्यादा परेशान और बेचैन है इसका कारण उन्होंने संस्कार समय पर नहीं मिलना बतलाया
अच्छे संस्कार वाले मनुष्य को सभी जगह सम्मान और सत्कार भी प्राप्त होता है
जिनालय में संत के प्रवचन सुनने आसपास के गांवों से भी लोग जिनालय पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त किया
महावीर कुमार सरावगी जैन गजट संवाददाता नैनवा जिला बूंदी राजस्थान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here