दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन भक्ति में डूबा जनकपुरी

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श्री दिगम्बर जैन मन्दिर
जनकपुरी ज्योति नगर जयपुर में रचा गया इतिहास , 27 परिवार को मिला श्री जी की माल का सोभाग्य

दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन भक्ति में डूबा जनकपुरी

प्रातः वासुपूज्य निर्वाण ,दिन में चोबीसी विधान , शाम को प्रतिक्रमण, रात्रि में हुई भक्तामर अर्चना

फागी संवाददाता

जयपुर – जनकपुरी – ज्योतिनगर जैन मंदिर में महोत्सव में गुरुवार को पूरे दिन पूजा विधान भक्ति अर्चना का कार्यक्रम आर्यिका विशेष मति माताजी के सानिध्य में आयोजित हुए ।
मन्दिर प्रबंध समिति अध्यक्ष पदम जैन बिलाला ने बताया की प्रातः अभिषेक व विशेष शांतिधारा हुई जिसका सौभाग्य अतुल पाटनी, मनीष सेठी ,धन कुमार शास्त्री को मिला ,उसके बाद ब्रह्मचर्य धर्म की पूजन तथा विधान का समापन प्रक्रिया विधि पूर्वक हुई । इसके मध्य वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याण पर पूजन व निर्वाण कांड वाचन के बाद निर्वाण लाडू महावीर बिंदायक्या परिवार द्वारा समर्पित किया गया कार्यक्रम में आर्यिका श्री ने सभी को आशीर्वचन दिया दोपहर में चोबीस भगवान की पूजन मण्डल विधानाचार्य शिखर चंद जैन किरण जैन द्वारा करायी गई जिसमें आदिनाथ से महावीर भगवान तक के चौबीस भगवान की आराधना की गई शाम को श्री जी की प्रतिमा को करतल ध्वनि के साथ पांडाल में ले जाकर पाण्डुशिला पर अनन्त चतुर्दशी के कलाशाभिषेक के लिए विधि पूर्वक विराजित किया गया जहां समाज के जन समूह के समक्ष भक्तों ने अभिषेक किए तथा अभिषेक के बाद परम्परागत श्री जी की माल पहनने का सौभाग्य समाज के 27 सौभाग्यशाली परिवारों ने प्राप्त किया जो की एक ऐतिहासिक अवसर बना और सत्ताईस परिवार को प्रबंध समिति के सदस्यों द्वारा माल पहनाने का तथा उनके द्वारा आरती करने का दृश्य बहुत ही प्रभावक लग रहा था । कार्यक्रम में महिला मण्डल युवा मंच का व्यवस्था में पूर्ण सहयोग रहा ।इसके बाद अनंत चतुर्दशी केअवसर पर विशेष वार्षिक प्रतिक्रमण हुआ तथा इसके बाद मन्दिर जी में चौदस को नियमित होने वाले भक्तामर पाठ की दीप अर्चना भक्ति भाव के साथ समाज द्वारा किया गया।

राजाबाबु गोधा जैन गजट संवाददाता राजस्थान

 

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