दिनांक 20 मई 2026 को कलेक्ट्रेट रीवा (मध्यप्रदेश) के समीप, परम पूज्य राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ — पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी — जब शांतिपूर्वक विहाररत थीं, तभी एक कार द्वारा उन्हें कथित रूप से कुचल दिया गया, जिससे दोनों पूज्य माताजी का अत्यंत हृदयविदारक देहावसान हो गया। इस घटना से संपूर्ण शांतिप्रिय जैन समाज में गहरा शोक,पीड़ा एवं आक्रोश व्याप्त है।
सीसीटीवी फुटेज देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि यह घटना केवल एक सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि इसकी निष्पक्ष एवं गहन जांच होनी चाहिए। हम प्रशासन से निवेदन करते हैं कि जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष और प्रभावी व्यवस्था की जाए।
जैन साधु-संत अपने पद विहार के दौरान हजारों किलोमीटर की यात्रा पैदल करते हैं।चाहे भीषण गर्मी हो, कड़ाके की सर्दी हो अथवा वर्षा का मौसम,वे धर्म साधना और जनकल्याण के लिए निरंतर विहार करते रहते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।
इसी संदर्भ में आज ३० मई दिन शनिवार समस्त जैन समाज कोलकाता एवं बृहतर कोलकाता द्वारा एक विशाल मौन जुलूस का आयोजन श्री दिगम्बर जैन मन्दिर बड़ा मंदिर (बड़ा बाजार) से धर्मतल्ला तक किया गया। यह आयोजन पुष्पांजलि परिवार के तत्वावधान में अत्यंत सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायक रूप से सम्पन्न हुआ।
इस विशाल आयोजन में कोलकाता एवं बृहतर कोलकाता जैन समाज के सभी वर्गों की अभूतपूर्व उपस्थिति रही। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम हेतु सभी साधर्मी बंधुओं,संस्थाओं एवं पुष्पांजलि परिवार के सभी पदाधिकारियों,कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों को हृदय से साधुवाद एवं धन्यवाद













